भटकेसरी विद्यालय में साइबर सुरक्षा और बाल विवाह पर सखी वार्ता, छात्राओं को किया गया जागरूक
मिशन शक्ति और बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना की दी गई जानकारी, साइबर अपराध से बचाव के लिए 1930 हेल्पलाइन और महिला सहायता के लिए 181 की उपयोगिता बताई
सारण (बिहार) संवाददाता धर्मेंद्र रस्तोगी: बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना एवं मिशन शक्ति के अंतर्गत शनिवार को उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भटकेसरी में साइबर सुरक्षा और बाल विवाह विषय पर सखी वार्ता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में छात्राओं को साइबर अपराधों से बचाव, बाल विवाह निषेध कानून, महिला एवं बालिका अधिकारों तथा सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। वक्ताओं ने छात्राओं को जागरूक, आत्मनिर्भर और अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में जिला मिशन समन्वयक निभा कुमारी, जेंडर स्पेशलिस्ट सुजाता श्री, साइबर थाना के डीएसपी, जलालपुर थानाध्यक्ष, विभिन्न विद्यालयों के प्राचार्य, शिक्षक-शिक्षिकाएं और बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं।
निभा कुमारी ने मिशन शक्ति और बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना की दी जानकारी
जिला मिशन समन्वयक निभा कुमारी ने मिशन शक्ति और बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के उद्देश्यों एवं महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मिशन शक्ति महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, संरक्षण तथा सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इसका उद्देश्य महिलाओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के साथ उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना और उन्हें सामाजिक एवं आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।
उन्होंने वन स्टॉप सेंटर यानी सखी केंद्र की जानकारी देते हुए बताया कि हिंसा से प्रभावित महिलाओं को यहां चिकित्सा, कानूनी और पुलिस सहायता के साथ मनोवैज्ञानिक परामर्श एवं अन्य जरूरी सहयोग उपलब्ध कराने का प्रावधान है। उन्होंने महिला हेल्पलाइन 181 के माध्यम से सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया के बारे में भी बताया।
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देना, उनके प्रति सकारात्मक सोच विकसित करना और उन्हें समान अवसर उपलब्ध कराना इस योजना का प्रमुख उद्देश्य है। बेटियां समाज की शक्ति हैं। उन्हें शिक्षा, सुरक्षा, सम्मान और आगे बढ़ने का अवसर देना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
निभा कुमारी ने छात्राओं से कहा कि उन्हें सामाजिक कुरीतियों के साथ डिजिटल दुनिया की चुनौतियों के प्रति भी सतर्क रहना चाहिए। बाल विवाह बालिकाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य और भविष्य को प्रभावित करता है, जबकि साइबर अपराधों से बचने के लिए डिजिटल माध्यमों का सावधानीपूर्वक उपयोग जरूरी है।
साइबर अपराध से बचाव के बताए उपाय
कार्यक्रम में साइबर थाना के डीएसपी ने ऑनलाइन धोखाधड़ी, सोशल मीडिया सुरक्षा और साइबर अपराधों के विभिन्न स्वरूपों की जानकारी दी। उन्होंने छात्राओं को सलाह दी कि वे अपनी व्यक्तिगत जानकारी, पासवर्ड और ओटीपी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें। संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें और सोशल मीडिया का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करें।
उन्होंने बताया कि साइबर वित्तीय धोखाधड़ी होने पर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत की जा सकती है। साथ ही राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल के माध्यम से भी शिकायत दर्ज कराने की जानकारी दी गई। छात्राओं से किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना संबंधित अधिकारियों को देने की अपील की गई।
सुजाता श्री ने लैंगिक समानता और व्यक्तिगत सुरक्षा पर किया जागरूक
जेंडर स्पेशलिस्ट सुजाता श्री ने छात्राओं को लैंगिक समानता, महिला एवं बालिका अधिकारों और व्यक्तिगत सुरक्षा के प्रति जागरूक किया। उन्होंने गुड टच और बैड टच के माध्यम से व्यक्तिगत सुरक्षा की समझ विकसित करने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक बालिका को सुरक्षित वातावरण में शिक्षा प्राप्त करने, अपने विचार व्यक्त करने और सम्मान के साथ जीवन जीने का अधिकार है। किसी भी प्रकार के अनुचित व्यवहार, उत्पीड़न, भेदभाव या हिंसा की स्थिति में छात्राओं को चुप रहने के बजाय अपने अभिभावक, शिक्षक या संबंधित सहायता सेवा से संपर्क करना चाहिए।
बाल विवाह रोकना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी
जलालपुर थानाध्यक्ष ने बाल विवाह निषेध कानून की जानकारी देते हुए कहा कि बाल विवाह जैसी सामाजिक कुप्रथा को समाप्त करने के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। उन्होंने बाल विवाह की जानकारी मिलने पर संबंधित प्रशासन और अधिकारियों को सूचित करने की अपील की।
कार्यक्रम के समापन पर जिला मिशन समन्वयक निभा कुमारी ने बाल विवाह मुक्त, महिला-सम्मानित और साइबर सुरक्षित समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने छात्राओं से सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने, अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने और परिवार तथा समाज में जागरूकता फैलाने की अपील की।
कार्यक्रम का आयोजन जिला हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वीमेन, सारण के तत्वावधान में किया गया।

