कृषि विज्ञान केंद्र मांझी में समेकित पोषक तत्व प्रबंधन के 15 दिवसीय प्रशिक्षण का शुभारंभ
उर्वरक अनुज्ञप्ति के लिए तृतीय बैच का प्रशिक्षण शुरू, सारण के 16 प्रखंडों के 40 प्रशिक्षणार्थी ले रहे हिस्सा
सारण (बिहार) संवाददाता वीरेश सिंह: कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके), मांझी, सारण में उर्वरक अनुज्ञप्ति के लिए आयोजित 15 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के तृतीय बैच का शुभारंभ सोमवार को हुआ। प्रशिक्षण का मुख्य विषय समेकित पोषक तत्व प्रबंधन (Integrated Nutrient Management) रखा गया है।
कार्यक्रम का उद्घाटन कृषि विज्ञान केंद्र, मांझी के वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ. रविन्द्र कुमार तिवारी, कृषि विज्ञान केंद्र सरैया, मुजफ्फरपुर के वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ. रामपाल, उद्यान विशेषज्ञ डॉ. जितेन्द्र चन्द्र चन्दोला, कृषि अभियांत्रिकी विशेषज्ञ डॉ. सुषमा टम्टा, फसल उत्पादन विशेषज्ञ डॉ. रजनीश सिंह एवं मृदा विशेषज्ञ डॉ. विजय कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।
संतुलित उर्वरक उपयोग और मृदा स्वास्थ्य पर जोर
उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए डॉ. रविन्द्र कुमार तिवारी ने प्रशिक्षणार्थियों का स्वागत किया। उन्होंने समेकित पोषक तत्व प्रबंधन, मृदा के महत्व और किसानों को उर्वरकों के संतुलित एवं वैज्ञानिक उपयोग की जानकारी उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
उन्होंने पंचतत्व—मिट्टी, जल, वायु, अग्नि और आकाश—का उल्लेख करते हुए मृदा एवं पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता बताई। उन्होंने सरकार द्वारा संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्देश्यों तथा मृदा स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी।
डॉ. तिवारी ने पौधों के लिए आवश्यक पोषक तत्वों, विशेषकर सूक्ष्म पोषक तत्वों के उचित प्रबंधन पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण और टिकाऊ कृषि उत्पादन के लिए संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन के साथ मृदा परीक्षण बेहद महत्वपूर्ण है।
15 दिनों में 44 विषयों पर मिलेगा प्रशिक्षण
कृषि विज्ञान केंद्र सरैया, मुजफ्फरपुर के वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ. रामपाल ने उर्वरक प्रबंधन में वैज्ञानिक दृष्टिकोण की आवश्यकता और प्रशिक्षण के महत्व पर जानकारी दी।
प्रशिक्षण के समन्वयक एवं उद्यान विशेषज्ञ डॉ. जितेन्द्र चन्द्र चन्दोला ने प्रशिक्षण की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि 15 दिनों के दौरान कुल 44 विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें कृषि विज्ञान केंद्रों, विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों तथा सारण जिले से जुड़े कृषि विभागों के विशेषज्ञ प्रशिक्षणार्थियों को तकनीकी जानकारी देंगे।
डॉ. सुषमा टम्टा, डॉ. रजनीश सिंह और डॉ. विजय कुमार ने भी प्रशिक्षण के विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम का संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ. जितेन्द्र चन्द्र चन्दोला ने किया।
तकनीकी सत्र में खाद और पोषक तत्वों की दी जानकारी
प्रशिक्षण के तकनीकी सत्र में डॉ. रामपाल ने पौधों के लिए आवश्यक पोषक तत्व एवं खेती में उनकी भूमिका विषय पर विस्तृत जानकारी दी।
वहीं, डॉ. रजनीश सिंह ने कम्पोस्ट खाद बनाने की विधि तथा खेती में कम्पोस्ट एवं हरी खाद के उपयोग के बारे में प्रशिक्षणार्थियों को जानकारी दी।
40 प्रशिक्षणार्थी ले रहे हिस्सा
प्रशिक्षण कार्यक्रम में सारण जिले के 16 प्रखंडों से कुल 40 प्रशिक्षणार्थी हिस्सा ले रहे हैं। इनमें 33 पुरुष और 7 महिलाएं शामिल हैं।
कार्यक्रम को सफल बनाने में कृषि विज्ञान केंद्र, मांझी के अमितेश कुमार गौरव, राकेश कुमार, उमाशंकर कुमार एवं अवनीश पांडेय ने महत्वपूर्ण सहयोग किया।

