पोषण अभियान: मोबाइल नहीं, माँ की ममता और पोषण से होगा बच्चों का असली विकास
• 9 अप्रैल से 23 अप्रैल तक 8वां पोषण पखवारा मनाया जाएगा
• पोषण की ताकत से निखरेगा दिमाग, अभियान से जागेगी समझ
• बच्चों के दिमागी विकास पर रहेगा खास फोकस
सारण (बिहार): बच्चों के बेहतर भविष्य और उनके सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिले में 9 अप्रैल से 23 अप्रैल तक 8वां पोषण पखवारा मनाया जाएगा। इस बार अभियान “मिशन पोषण 2.0” के तहत “जीवन के पहले 6 वर्षों में मस्तिष्क विकास को अधिकतम करना” थीम पर आधारित है, जिसमें बच्चों के शारीरिक के साथ-साथ मानसिक विकास पर विशेष जोर दिया जाएगा। जिले में आयोजित होने वाले 8वें पोषण पखवारा के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों पर व्यापक स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य बच्चों के जीवन के शुरुआती छह वर्षों को सशक्त बनाना है, क्योंकि विशेषज्ञों के अनुसार इसी अवधि में मस्तिष्क का लगभग 90 प्रतिशत विकास होता है।
गर्भवती महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य पर भी विशेष ध्यान
आईसीडीएस के डीपीओ किरण शर्मा ने बताया कि इस दौरान माताओं को बच्चों के संतुलित आहार, उचित देखभाल और मानसिक विकास के महत्व के प्रति जागरूक किया जाएगा। साथ ही गर्भवती महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। हर माह की तरह इस बार भी 7 तारीख को गर्भवती महिलाओं की गोदभराई और 19 तारीख को बच्चों का अन्नप्राशन कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसका सकारात्मक प्रभाव जच्चा-बच्चा के स्वास्थ्य पर देखा जा रहा है। पोषण पखवारा का यह अभियान बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। सही पोषण, बेहतर देखभाल और सकारात्मक वातावरण से ही स्वस्थ और सक्षम पीढ़ी का निर्माण संभव है।
अभियान की खास बातें:
• माता एवं बाल पोषण: गर्भवती महिलाओं और बच्चों को संतुलित, स्थानीय और मौसमी आहार देने पर जोर।
• मस्तिष्क प्रोत्साहन: बच्चों के साथ संवाद, समय बिताने और भावनात्मक जुड़ाव को बढ़ावा।
• खेल-आधारित शिक्षा: पढ़ाई को रोचक बनाने के लिए खेल-खिलौनों के माध्यम से सीखने पर बल।
• स्क्रीन टाइम नियंत्रण: बच्चों को मोबाइल और टीवी से दूर रखकर रचनात्मक गतिविधियों की ओर प्रेरित करना।
• आंगनबाड़ी सशक्तीकरण: सामुदायिक सहयोग से केंद्रों को अधिक प्रभावी बनाना।
बच्चों के शुरूआती जीवन का छह साल मानसिक विकास के लिए महत्वपूर्ण :
पोषण अभियान जिला समन्वयक सिद्धार्थ सिंह ने बताया कि 8वां पोषण पखवारा बच्चों के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। “मिशन पोषण 2.0” के तहत इस बार विशेष रूप से जीवन के पहले छह वर्षों में बच्चों के मस्तिष्क विकास पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि, “बच्चों के शुरुआती छह साल उनके पूरे जीवन की नींव तय करते हैं। इस दौरान सही पोषण, देखभाल और सकारात्मक वातावरण बेहद जरूरी है। पोषण पखवारा के माध्यम से हम हर घर तक यह संदेश पहुंचाना चाहते हैं कि सिर्फ भोजन ही नहीं, बल्कि बच्चों के साथ संवाद, खेल-खेल में सीखना और भावनात्मक जुड़ाव भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
जनभागीदारी से मिलेगी सफलता:
जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने बताया कि पोषण पखवारा सिर्फ सरकारी कार्यक्रम नहीं है, बल्कि इसे सफल बनाने के लिए जनभागीदारी बेहद जरूरी है। इसके लिए सामाजिक कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों और धर्मगुरुओं से सक्रिय सहयोग की अपील की गई है। स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और पीएचईडी विभागों के साथ-साथ विभिन्न संस्थाएं भी इस अभियान में मिलकर काम करेंगी, ताकि बच्चों के समग्र विकास को सुनिश्चित किया जा सके।
अभिभावकों के लिए सलाह:
• बच्चों को मोबाइल से दूर रखें और कहानियों व लोक संस्कृति से जोड़ें।
• जंक फूड से परहेज कर ताजा और पौष्टिक भोजन दें।
• बच्चों के साथ समय बिताएं और उनके मानसिक विकास पर ध्यान दें।

