ईरान-इजरायल युद्ध का असर देहात तक, पेट्रोल-डीजल की कालाबाजारी पर लगी रोक से बढ़ी परेशानी
सारण (बिहार) संवाददाता वीरेश सिंह: ईरान और इजरायल के बीच चल रहे युद्ध का असर अब भारत के देहाती क्षेत्रों में भी साफ तौर पर दिखने लगा है। बुधवार को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा बिहार के लोगों को थोक मात्रा में पेट्रोल और डीजल ले जाने पर रोक लगा दिए जाने के बाद तेल की कालाबाजारी में लगे लोग खाली डब्बे लेकर ही वापस लौटने लगे। इस निर्णय के बाद सीमावर्ती इलाकों में पेट्रोलियम पदार्थों के अनौपचारिक कारोबार पर अचानक ब्रेक लग गया है।
बताया जाता है कि सारण जिले के कई सीमावर्ती क्षेत्रों में सैकड़ों छोटे दुकानदार उत्तर प्रदेश के पेट्रोल पंपों से पेट्रोल और डीजल लाकर बोतलों में भरकर ग्राहकों को महंगे दामों पर बेचते रहे हैं। इससे उन्हें अच्छी खासी आमदनी हो जाती थी और कई दुकानदारों की रोजी-रोटी इसी पर आधारित थी। लेकिन यूपी प्रशासन की सख्ती के बाद ऐसे दुकानदारों की परेशानी बढ़ गई है और यह कारोबार लगभग ठप हो गया है।
इधर, गैस सिलेंडर की आपूर्ति को लेकर भी सख्ती बढ़ने से लोगों की चिंता बढ़ गई है। गैस सिलेंडर प्राप्त करने में कड़ाई के कारण लोग गैस गोदामों के चक्कर काट रहे हैं। संभावित किल्लत की आशंका को देखते हुए होटल संचालकों, चाय-पकौड़ी तथा मिठाई दुकानों के संचालकों ने वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में कोयले के चूल्हे का उपयोग शुरू कर दिया है।
गांवों में भी लोग संभावित संकट को देखते हुए पहले से ही तैयारी में जुट गए हैं। गैस की किल्लत की आशंका को ध्यान में रखते हुए ग्रामीण लकड़ी का जलावन एकत्रित करने लगे हैं, ताकि विपरीत परिस्थितियों में ईंधन के अभाव से जूझना न पड़े।

