रक्तदान बना जीवनदान: सामाजिक कार्यकर्ताओं की पहल से महिला का सफल हुआ ऑपरेशन
सारण (बिहार) संवाददाता धर्मेंद्र रस्तोगी: छपरा सदर अस्पताल में रक्त की कमी के कारण ऑपरेशन का इंतजार कर रही एक गरीब महिला को सामाजिक कार्यकर्ताओं और रक्तदाताओं की तत्परता से समय पर रक्त उपलब्ध कराया गया। रक्त मिलने के बाद महिला का ऑपरेशन संभव हो सका। इस मानवीय पहल की क्षेत्र में व्यापक सराहना हो रही है।
जानकारी के अनुसार करीब 40 वर्षीय शिवकली देवी का ऑपरेशन होना था, लेकिन शरीर में रक्त की कमी होने के कारण चिकित्सकों ने पहले तीन यूनिट रक्त की व्यवस्था करने की सलाह दी। परिजनों ने काफी प्रयास कर दो यूनिट रक्त की व्यवस्था कर ली, लेकिन एक यूनिट रक्त के अभाव में ऑपरेशन रुका हुआ था। आर्थिक और सामाजिक रूप से कमजोर परिवार के लिए यह बड़ी चुनौती बन गई थी।
ऐसे में परिजनों ने दधीचि देहदान समिति, छपरा इकाई से जुड़े प्रसिद्ध सैंड आर्टिस्ट एवं सामाजिक कार्यकर्ता अशोक कुमार से संपर्क किया। सूचना मिलते ही उन्होंने समिति के अध्यक्ष एवं सामाजिक कार्यकर्ता संजीव चौधरी को मामले से अवगत कराया। इसके बाद संजीव चौधरी ने धनंजय उदय के सहयोग से रक्तदाता मिथलेश के डोनर कार्ड के माध्यम से एक यूनिट रक्त की व्यवस्था कराई। समय पर रक्त उपलब्ध होने से महिला का ऑपरेशन संभव हो सका और परिजनों ने राहत की सांस ली।
इस पूरी प्रक्रिया में छपरा ब्लड बैंक के प्रभारी धर्मवीर कुमार की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कराकर समय पर रक्त उपलब्ध कराने में सहयोग किया, जिससे मरीज का उपचार बिना किसी और देरी के शुरू हो सका।
इस अवसर पर सामाजिक कार्यकर्ता अशोक कुमार ने कहा कि "रक्तदान महादान है। एक यूनिट रक्त किसी जरूरतमंद के लिए नया जीवन साबित हो सकता है। समाज के अधिक से अधिक लोगों को स्वेच्छा से रक्तदान के लिए आगे आना चाहिए, ताकि किसी भी मरीज की जान केवल रक्त की कमी के कारण न जाए।"
उन्होंने लोगों से नियमित रूप से स्वैच्छिक रक्तदान करने की अपील करते हुए कहा कि रक्त का कोई कृत्रिम विकल्प नहीं है और जरूरत पड़ने पर एक रक्तदाता किसी परिवार के लिए भगवान का रूप बन सकता है।

