उर्से पाक में रातभर गूंजती रही तकरीर, गजल और शेरो-शायरी, हजारों अकीदतमंदों की उमड़ी भीड़
सारण (बिहार) संवाददाता वीरेश सिंह: हजरत जलाल शाह मजार परिसर में आयोजित उर्से पाक के अवसर पर रविवार की रात पूरी तरह इबादत, तकरीर, शेरो-शायरी और गजल के नाम रही। उर्स में शामिल होने के लिए आसपास के गांवों एवं दूरदराज क्षेत्रों से हजारों की संख्या में अकीदतमंद पहुंचे। देर रात तक मजार परिसर में धार्मिक एवं सूफियाना माहौल बना रहा, जहां लोगों ने पूरी श्रद्धा और अकीदत के साथ कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
उर्से पाक के दौरान आयोजित महफिल में मशहूर मौलाना नेसार अहमद मिस्वाही ने अपनी प्रभावशाली तकरीर से लोगों को इंसानियत, भाईचारे और माता-पिता के सम्मान का संदेश दिया। उन्होंने अपनी तकरीर के दौरान कहा कि “मां जन्नत की असली तस्वीर हुआ करती हैं, मां के आंचल की छाया नूर हुआ करती है”, जिसे सुनकर पूरा परिसर तालियों और वाहवाही से गूंज उठा। उनके शेरो-शायरी और भावपूर्ण अंदाज ने लोगों को देर रात तक बांधे रखा।
कार्यक्रम में सूफियाना कलाम, मर्मस्पर्शी गीत और गजलों की प्रस्तुति ने श्रोताओं को भावुक कर दिया। कई गजलों और नातिया कलाम को सुनकर लोगों की आंखें नम हो गईं। महफिल में मौजूद लोगों ने कलाकारों की प्रस्तुतियों की जमकर सराहना की।
उर्स के मौके पर मेला भी आकर्षण का केंद्र बना रहा, जहां बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ी। मेले में बच्चों एवं महिलाओं की काफी चहल-पहल देखी गई। भीड़ को नियंत्रित करने में पुलिस प्रशासन को काफी मशक्कत करनी पड़ी। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल देर रात तक तैनात रहा और लगातार लोगों को व्यवस्थित तरीके से आने-जाने की अपील करता रहा।
उर्से पाक के सफल आयोजन को लेकर आयोजकों में उत्साह देखा गया। लोगों ने हजरत जलाल शाह मजार पर चादरपोशी कर अमन, शांति और खुशहाली की दुआ मांगी।
#UrsEPak #HazratJalalShah #MaaJannatHai #Shayari #GhazalNight #Maanjhi #SaranNews #BiharNews #SufiProgram #ReligiousEvent

