हत्या के प्रयास व आर्म्स एक्ट में पवन गिरी दोषी करार, सजा पर सुनवाई 25 अप्रैल को
सारण (बिहार) संवाददाता धर्मेंद्र रस्तोगी: छपरा जिला एवं सत्र न्यायाधीश चतुर्थ राघवेंद्र विक्रम सिंह परमार की अदालत ने अमनौर थाना कांड संख्या 142/22 से जुड़े सत्र वाद संख्या 339/23 में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए अमनौर थाना क्षेत्र के मनोरपुर निवासी पवन गिरी को हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के तहत दोषी करार दिया है। न्यायालय ने सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए 25 अप्रैल 2026 की तिथि निर्धारित की है, जिससे मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक ध्रुव देव सिंह ने अनुसंधानकर्ता और चिकित्सक सहित कुल 12 गवाहों की गवाही प्रस्तुत की। वहीं, इस मामले में सह-अभियुक्त पवन गिरी की पत्नी फूल कुमारी देवी को साक्ष्य के अभाव में न्यायालय ने दोषमुक्त कर दिया।
घटना के संबंध में अमनौर थाना क्षेत्र के मनोरपुर निवासी कामेश्वर गिरी ने 26 मई 2022 को पुलिस के समक्ष फर्द बयान दर्ज कराया था, जिसमें उन्होंने बताया कि 25 मई 2022 की रात करीब 8 बजे पवन गिरी अपने सहयोगी चंद्रमा राम के साथ उनके घर पहुंचे और गाली-गलौज करने लगे। इसी दौरान विवाद बढ़ गया और जब उनका पुत्र राकेश गिरी बीच-बचाव के लिए आया तो पवन गिरी ने उसके सीने में गोली मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़ा।
घायल राकेश गिरी को तत्काल इलाज के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अमनौर ले जाया गया, जहां से उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए पटना पीएमसीएच रेफर कर दिया गया। इस घटना का कारण छत से बिजली का तार ले जाने को लेकर उत्पन्न विवाद बताया गया है। फिलहाल न्यायालय द्वारा दोषी करार दिए जाने के बाद सजा की घोषणा का इंतजार किया जा रहा है।

